short horror stories in Hindi |
haunted story in Hindi | पड़ोस वाले घर में चुड़ैल। - दोस्तों आज फिर में आपके लिए एक और नई कहानी लेकर आया हु। जो पड़ोस वाले घर में चुड़ैल का सच कैसे बहार आया उसके बारेमे ये कहानी है। कहानी पूरी पढ़ना मजा आएगा। चलो चालू करते है इस कहानी को।
short horror stories in Hindi | haunted story in Hindi | पड़ोस वाले घर में चुड़ैल।
पड़ोस वाले घर में चुड़ैल।
short horror stories in
hindi | haunted story in Hindi | पड़ोस वाले घर में चुड़ैल। - रमेश अपनी माता और पिता के साथ
बरेली में रहता था। रमेश के पिता रेलवे में काम करते थे। रमेश बहुत समझदार
और हिम्मत वाला था। बरेली में उसके बहुत सारे दोस्त थे। वेह उनके साथ खेलता और
मस्ती करता था। कुछ समय बाद रमेश के पिता का तबादला दिल्ली हो गया और वह सब दिल्ली
चले गए। रमेश दिल्ली जाने के लिए जितना उत्साहित था। उतना ही अपने दोस्तों को
छोड़ने के लिए दुखी भी था।
haunted story in Hindi दिल्ली में उनके रहने के लिए रेलवे
कॉलोनी में घर मिला रमेश वह किसी को नहीं जानता था। उसके आसपास के कई घर खाली भी
थे। और कुछ करोगे लोग रहते थे। लेकिन ज्यादातर परिवार वाले नहीं थे। थोड़े समय के
बाद रमेश की मां सीता की दोस्ती पड़ोस रहने वाले कुछ लोगों से हो गई। रमेश
रोज शाम को कॉलोनी के पार्क में खेलने जाता था और सीता अपनी सहेलियों से बातें
करती थी।
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कूच
दिनों बाद सीता को पता चला की उनके बगल के घर में भूत रहता है। थोड़ा डर गई
क्योंकि रमेश के पिता को रात में भी ड्यूटी पर जाना पड़ता था। सीता ने यह बात रमेश
के पिता से बताएं और वह हंसने लगे उन्होंने कहा भूत चुड़ैल कुछ नहीं होता यह सब
हमारे मन का वहम है और तुम डरती क्यों हो हमारा रमेश है ना वह सब भूतो से बड़ा भूत
है
haunted story in Hindi इतना कहकर रमेश के पिता रात की ड्यूटी
पर चले गए। उनके जाने के बाद सीता ने अपना काम खत्म किया और रमेश को लेकर कमरे में
सोने चली गई। थोड़ी देर के बाद गीता को घुंघरू की आवाज आई वेह डर गई उसने देखा
रमेश सो रहा है। वह डर के मारे रमेश को जोर से पकड़ कर सोने की कोशिश करने लगी।
लेकिन उसे फिर घुंघरू की आवाज सुनाई दी और वह ज्यादा डर गई और उसने रमेश को जोर से
दबाया इस बार रमेश उठ गया उसने पूछा क्या हुआ माँ सीता ने उसे इशारा किया कि चुप
रहो।
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तभी घुंघरू की आवाज फिर से आई इसबार
आवाज रमेश ने भी सुनी सीताने रमेश से कहा लगता है। सच में हमारे बगल वाले घर में
भूत रहता है। रमेश मुस्कुराया और बोला माँ लेकिन भूत घूंगरू थोड़ी पहनते है। माँ
ने उसे घूमती हुई आंखों से देखा और कहा जरूर ये चुड़ैल होंगी। रमेश ने बोला रुको
में देखकर आता हूं। सीता ने उसका हाथ पकड़ा और उसे ना जाने का इशारा किया। थोड़ी
देर के बाद में आवाज आना बंद हो गई।
haunted story in Hindi रमेश की आंख लग गई सुबह हुई। रमेश के
पिता अपनी ड्यूटी से घर वापस आए सीता ने उन्हें रात की सारी बात बताई यह सब सुनकर
रमेश के पिता को आश्चर्य हुआ और उन्होंने कहा ऐसा नहीं होता है। यह तुम्हारा वहम
होगा। गीता ने कहा ठीक है। आप रमेश से ही पुछलो। पिताने रमेश को आवाज लगाई और रमेश
से कहा क्यों मेरे बड़े भूत जब वह चुड़ैल आई तो तू कहां डर गया था। रमेशने कहा
पिताजी में जाना चाहता था। लेकिन माँ ने मुझे नहीं जाने दिया रमेशके दिमाग में
पिताकी ही बात घूम रही थी।
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उसदिन रात में जब उसके माता-पिता सो गए
तो वो धीरेसे उठा और पड़ोस के घर की तरफ गया दरवाजा बंद था। लेकिन उसको मालूम था
कि रसोई की खिड़की खुली हुई है।वह धीरे से रसोई की खिड़की से घर के अंदर चला गया।
अंदर जाने के बाद उसने फिर से घुंघरू की आवाज सुनी रमेश थोड़ा डर गया लेकिन उसे
अपने पिता की बात याद आई "भूत चुड़ैल कुछ नहीं होता यह सब हमारे मन का वहम
है।"
रमेश ने हिम्मत की और आगे गया रमेश जैसे जैसे
कदम बढ़ाता वैसे ही घुंघरू की आवाज और तेज आने लगती तभी रमेश को टॉर्च की रोशनी के
सामने कुछ दिखा। रमेश ने टोर्च की रोशनी उस ओर करी जिधर उसे वह परछाई जाती दिखाई
दी और देखा की येतो एक डिब्बा है। जो इधर-उधर घूम रहा है। और उसे घुमनेसे घुंघरू
की आवाज भी आती है। रमेश को थोड़ा शक हुआ और वो जल्दीसे डिब्बे के पास गया और
डिब्बेको पकड़ लिया।
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इतनी देर में रमेश के घर पर सीता की आंख
खुल गई। और उसने रमेश को बिस्तर पर नहीं पाया वह घबरा गई उसने रमेश के पिता को
जगाया और कहा देखो रमेश बिस्तर पर नहीं है। वह कहां गया दोनों रमेश को घर में
इधर-उधर ढूंढने लगे पर वह कहीं नहीं दिखा। सीता ने रमेश को आवाज लगानी शुरू
करें रमेश के पिता ने कहा मैं बाहर जा कर देखता हूं। जब वे बाहर की तरफ गए तो
उनहोने देखा की बाहर का दरवाजा खुला था। रमेश को आवाज देते हुए वो बाहर की तरफ
निकले। पिता की आवाज रमेश के कानों तक आई।रमेश ने वहीं से जोरसे आवाज लगाई। पिताजी
मैं यहां हूं पड़ोस के घर में। पिता ने भी जोर से आवाज लगाई तू अंदर कैसे गया?
रमेश ने कहा मैं रसोई की खिड़की से अंदर आया हूं। पिताजी आप भी आ जाइए।
मैंने चुड़ैल को पकड़ लिया है।
haunted story in Hindi रमेश के पिता रसोई की तरह दौड़े। और सीता
यह सब सुनकर वहीं जमीन पर बैठ गई। हाय राम चुड़ैल को पकड़ लिया।
रमेश के पिता जब रमेश के पास आए तो उन्होंने
देखा कि रमेश के हाथ में कागज का डिब्बा है। पिता ने कहा यह चुड़ैल है। रमेश
हंसने लगा और पिता से कहा। हा ये माँकी और उनकी सहेलियों की चुड़ैल है।
रमेश ने अपने पिता को टॉर्च की रोशनी डिब्बे
की तरफ दिखाने का इशारा किया। पिता ने टोर्च की रोशनी दुबे पर डाली और रमेश ने
धीरे से डिब्बे का ढक्कन खोला। डिब्बे का ढक्कन खुलते ही पिताजी जोर जोर से हंसने
लगे। दोनों डिब्बा लेकर मां के पास गए। सीता डरी हुई बैठी थी। और रमेश को देखते ही
रोने लगी और बोली तू क्यों गया चुड़ैल के पास और यह तेरे हाथों में क्या है?
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रमेश के पिता ने कहा चुड़ैल है। सीता को
कुछ समझ ना आया फिर रमेश के पिता ने रमेश के हाथ से वह डिब्बा लिया और उसका ढक्कन
खोल कर रमेश की मां को दिखाया और अब तो सीताभी जोर-जोर से हंसने लगी। क्योंकि उस
डिब्बे में एक चूहा था। जिसके पैरों में कुछ धागे फंसे हुए थे और उन धागों में
घुंगरू फसे हुए थे सीता को सारी बात समझ में आ गई। जब वे चूहा इधर उधर जाता होगा
तो यह घुंघरू की आवाज आती होगी।
haunted story in Hindi इस तरह बहादुर रमेश ने पड़ोस के घर की
चुड़ैल का सच सबके सामने आया।
short horror stories in hindi | haunted
story in Hindi | पड़ोस वाले घर में चुड़ैल। - कहानी को पढ़ने के लिए आपका
धन्यवाद। ऐसी ही कहानियां हमारे ब्लॉग में रोज आती है। धन्यवाद आपका दिवस
सुभहो।
ये कहानी एक मनोरंजन के लिए लिखी गई।
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