Chudail ki Kahani | chudail ka ghar | चुड़ैल का घर

Chudail ki Kahani  chudail ka ghar  चुड़ैल का घर


Chudail ki Kahani | chudail ka ghar | चुड़ैल का घर


Chudail ki Kahani | chudail ka ghar | चुड़ैल का घर - एक बार की बात है। रतनपुर गांव में कूच दिनों से नई विवहि जोड़ो की मोत हो रही थी। गांव वाले इस घटना से बोहत डर गए। नीरव को इस गांव के पंचायत में एक नौकरी मिला वहा रहने के लिए वो एक घर ढूंढ ने लगा बोहत ढूंढ ने के बाद उसे एक घर मिला।
नीरव : आप मुझे ये घर इतने काम किराये पे दे रहे है? कही घर का हालत ख़राब तो नहीं है ? (chudail bhoot ki kahani)
किराये दार : अरे नहीं नहीं बिलकुल नया घर है। तुम चाहो तो रहने से पहले एक बार देख सकते हो।
नीरव : अच्छा ठीक है। में कल सुबह होते ही अपना सामान लेकर पहुंच जाऊंगा। ये कीजिये दो महीने का किराया। (chudail ki kahani in hindi)


Chudail ki Kahani पैसे देकर नीरव वहा से चला जाता है।
किराये दार : 'अगर में इसे सच बोल देता तो ये इस घर को किराये पे कभी नहीं लेता। और मुझे पैसे भी नहीं मिलता हा हा...  '
फिर अगली सुबह नीरव अपनी बीवी को लेकर उस घर में रहने चला आया।
नीरव : अरे वाह येतो बिलकुल नया घर जैसा लग रहा है।
नीरव की बीवी : लेकिन इतने काम किराये पे ये घर कोई कैसे दे सकता है। जी मुझे तो ये कूच ठीक नहीं लगरहा है। (chudail ki kahani in hindi)

नीरवअरे तुम इतना क्यों चिन्ता कर रहे हो। अच्छा ही तो है।
नीरव की बीवी : मुझे कूच अजीब सा महसूस हो रहा है।
नीरव : लगता है सैर करनेसे तुम थक गई हो थोड़ी देर आराम करलो फिर तुम अच्छा लगेगा।
पुरे दिन काम करने के बाद  दोनों जल्दी से सो गए। तभी दीवार के अंदर से एक चुड़ैल बहार आती है।

चुड़ैल : फिरसे एक नया विवाहित जोड़ा। अब इसके पति के साथ भी वही होगा। जो पिछले वाले के साथ हुआ था। हा हा हा....  सारे मर्द एक जैसे है। किसी को नहीं छोडूंगीमेरे साथ जो हुआ था वो किसी और के साथ में नहीं होने दूंगी।

Chudail ki Kahani तभी अचानक नीरव की बीवी की आँख खुल जाती है।
नीरव की बीवी : अरे ये किस की आवाज थी ? इतनी रत को कोन बाते कर रहा है। अजी सुनिए उठिये ना।
 नीरव : क्या हुआ क्यों परेशान कर रहिहो। (chudail bhoot ki kahani)

नीरव की बीवी : अजी मेने अभी अभी किसीकी आवाज सुनी। जरा देखिये ना।
नीरव : पागल हो गई हो क्या इतनी रत को कोन बाते करेगा सो जाओ।
नीरव की बीवी : लेकिन मेने सच में किसी लड़की की आवाज सुनी।
नीरव : लगता है तुम कोई सपना देख रही थी। अब सो जाओ मुझे सुबह बोहत जल्दी उठना है। कल मेरा काम पर पहला दिन है। अगर देर हो गई तो मेरी नौकरी चली जायेगी।
फिर सुबह उठकर नीरव अपने काम पर निकल जाता है। (chudail ki kahani in hindi)

गांव वाले : अरे ये वही है जो उस घर में रहने आया है। हा पता नहीं अब इसके साथ क्या होगा ? हा कोई भी उस घर में ज्यादा दिन टिक नहीं पाया। जोभी वह रहने आया उसके साथ बहोत बुरा हुआ हमें उसे सावधान करना होगा ठीक कहरहे हो भाई इसे जाकर बात करना पड़ेगा।

उस दिन नीरव को घर लोटनेमे बहोत देर हो गया उसकी बीवी घर पे अकेली थी। अचानक उसे दीवार के अंदर से अजीब अजिन आवाजे सुनाई देने लगी। वो बहोत डर जाती है।
नीरव की बीवी : ये केसी आवाज है। श्याम हो गई वो अभी तक क्यों नहीं आये। मुजे ये घर कूच ठीक नहीं लग रहा है। कौन है यहाँ ?

Chudail ki Kahani तभी वो चुड़ैल उसके सामने आती है।
चुड़ैल : हा हा हा.... नया घर केसा लग रहा है अच्छा है ना ?
नीरव की बीवी : ' हे भगवान येतो चुड़ैल है। अब क्या करू में ' आपको क्या चाहिए?
चुड़ैल : में तेरे पति को नहीं छोडूंगी  हा हा हा.... इस घर में रहने आये सरे मर्द के साथ जो हुआ वो तेरे पति के साथ होगा। कोई मुजसे बच नहीं पायेगा सबको में सजा दूंगी हा हा हा....
कुचही देरमे नीरव घर लोटता है। और वो चुड़ैल वहासे गायब हो जाती है।

नीरव की बीवी : अरे आप गए? देखो यहां एक चुड़ैल है। 
नीरव : क्या अनाब सनाब बोल रही हो यहां तो कोई नहीं है।
जब उसकी बीवी पीछे देखती है तो उसे वो चुड़ैल नजर नहीं आई।
नीरव की बीवी : कूच देर पहले ही थी वो यहां बोल रही थी की वो हमें नहीं छोड़ेगी यहां रहने आये सब को उसने मार दिया अब हमें भी वो मार देगी। (chudail ki kahani in hindi)

नीरव : लगता है नए घर में अकेले रहने से तुम्हारे दिमांग में ये सब बुरे ख्याल रहे है। बहार जाकर यहां के लोंगो से बातें क्यों नहीं करती ? फिर ये ख्याल चली जायेगी।
नीरव की बीवी : आप मेरा यकीन कीजिये ये घर श्रापित है। क्योंना हम ये घर छोड़कर दूसरा घर लेले।
नीरव : पागल हो गई हो क्या ? बोहत मुश्किल से काम किराये पे इतना अच्छा घर मिला है। दो महीने का किराया भी देचुका हु और पंचायत से ये घर बोहत पास है। हम ये घर छोड़ नहीं सकतें।

Chudail ki Kahani अगली सुबह जब नीरव काम पर जारहा था। तो रस्ते में उसे कूच गांव वाले मिले।
गांव वाले : अरे भाई सुनो जरा ?
नीरव : क्याहुआ भाई ?
गांव वाले : वो घर ठीक नहीं है रहने के लिये अगर जिन्द्की प्यारी है तो वहासे चले जाओ ?
नीरव : क्यों क्या हुआ ?

गांव वाले : अरे वो घर श्रापित है। कोई भी ज्यादा दिन टिक नहीं पाया तुमसे भी पहले कई सरे लोग रहने आये थे लेकिन उनके साथ बोहत बुरा हुआ तुम्हारी भलाई के लिए कह रहे है। एक अशुभ आत्मा उस घर को कब्ज़ा करके राखी है। (chudail ki kahani in hindi)

नीरवये सब अंध विश्वास है। मुजे अभीतक ऐसा कूच नहीं दिखा। ठीक है में अभी चलता हु बोहत जल्दी में हु।

इतना बोलकर नीरव वहासे चला जाता है। जैसे ही श्याम से रत हुई दीवार की अंदर से वो चुड़ैल चिल्ला ने लगती है। और फिर बहार आजाती है।
चुड़ैल : ..... आज तेरी और तेरे पति की आखरी दिन है।
नीरव की बीवी : देखो हम दोनों को छोड़दो हमने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है।

चुड़ैल हा हा हा .... मेरी सादी की दूसरे दिन ही मेरे पति ने मुजे अकेला छोड़ कर किसी और के साथ चला गया और इसी दुःख में मेने खुदखुसी करली ..... तबसे मेने कसम खाई थी की कोई भी मर्द को में नहीं छोडूंगी सबको सजा दूंगी।  हा हा हा ....
नीरव की बीवी : लेकिन मेरे पति ऐसा नहीं है हमें छोड़दो।
चुड़ैल : हा हा हा .... यहासे कोई भी बचके नहीं जाता हा हा हा .... (chudail bhoot ki kahani)

Chudail ki Kahani फिर वो चुड़ैल नीरव की बीवी के शरीर में चली जाती है। 
कूच देर बाद नीरव घर पर लोटता है। अपनी बीवी को ऐसे देखकर हैरान हो गया
नीरव : अरे तुमने ये घूंघट क्यों डाल राखी हो ? क्या हुआ तुमें ?
नीरव की बीवी : अजी मेरे पास आइये ना जबसे यहां आई हु तबसे आपका ध्यान सिर्फ काम पर है। हम दोनों ठीकसे बाते भी नहीं करते।

ये सुनकर नीरव उसके पास जाता है घूंघट उठाने जैसे ही उसने घूंघट उठाया तो वो डर जाता है।
नीरव : अरे ये क्या कोन हो तुम ?
चुड़ैल : क्यू मुजे भूल गया अपनी बीवी को पहचान नहीं पा रहा है। हा हा हा ....
नीरव : गांव वाले सही कह रहेथे येतो कोई चुड़ैल है।
डर कर नीरव वहासे भाग ने लता है।

चुड़ैल : भाग कर कहा जायेगा आज तू मेरे हाथो से बचेगा नहीं।
भागते भागते नीरव को रास्तेमें एक गुरूजी मिला।
नीरव : गुरूजी गुरूजी मुजे बचाइए मेरी पत्नी को किसी चुड़ैल ने अपने वसमे कर लिया है अब वो मुजे मरने आरही है।
गुरूजी : शांत हो जाओ तुम घभराओ मत आओ मेरे साथ।

red more - (chudail bhoot ki kahani)






Chudail ki Kahani फिर गुरूजी नीरव को लेकर उस चुड़ैल के पास पहुंचता है।
चुड़ैल : .... ये किसे लेकर आगया थी? ....
गुरूजी : दुस्ट आत्मा अब बंद कर ये तेरा खेल तू ऐसेही सबको मार नहीं सकती। तेरे साथ जो हुआ वो एक हादसा था। इसके लिए तू सबसे अपना बदला नहीं ले सकती है। सब तेरे पति के जैसे नहीं है। बोहत हो गया अब यहांसे चलीजा। (chudail bhoot ki kahani)

चुड़ैल : नहीं जबतक मेरा बदला पूरा नहीं होजाता तबतक मेरे आत्मा को शांति नहीं मिलेंगी।
गुरूजी : तेरे पति को उसके किये की सजा जरूर मिलेंगी। तूने कई इंसान की हत्या की है। अब इस निर्दोष औरत के शरीर से निकल जा नहीतो नर्क में भी तुम जगह नहीं मिलेंगी। (chudail ki kahani in hindi)
चुड़ैल .....  ठीक है में इसके शरीर से चली जाउंगी मुजे अब मुक्ति चाहिए। .....  लेकिन मेरे पति को जरूर सजा दिलाना। .....

Chudail ki Kahani फिर वो चुड़ैल नीरव की बीवी की शरीर को छोड़कर हंमेशा के लिए चली जाती है।

तो दोस्तों ये कहानी किसी लगी कमेंट करके जरूर बताये 'आभार' (churel ki kahani)
ये कहानी एक मनोरंजन के लिए लिखी गई।
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