Bhoot ki Kahani in Hindi | Rohit khadush ki kahani



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Bhoot ki Kahani in Hindi

Bhoot ki Kahani in Hindi | Rohit khadush ki kahani

Bhoot ki Kahani in Hindiएक गांव था। 
उस गांव में रोहित अपने परिवार के साथ रहता था। वो और उसकी पत्नी दोनों स्वभाव सेही बहोत खड़ूस थे। इस लिए गांव के लोग उनसे बहोत चिड़ा करते थे।
उन लोगो के साथा एक नौकरानी भी थी। उसका नाम कोकि था। Bhoot ki Kahani in Hindi वो दोनों कोकि को बहोत सताते थे।
रोहित की पत्नी ने डाटते हुए कहा कामचोर, कालमुई आजकल तुजे काम करनेमे मन नहीं लगरहा क्या।
रोहित कहा : चल ठीकसे काम कर।
कोकि रोते रोते उसके कमरेमे चली गई। bhoot wali kahani

Bhoot ki Kahani in Hindi सामको घर जाने के समय 

 रोहित बोला : स्याम हो चुकी है। अभी तो आधा रास्ता ही कटा है। पता नहीं और कितना समय लगेगा। अभी तो रस्ते में चिकन भी लेना है।
चलो चिकन तो खरीद लिया। लेकिन अब घर जाने की जल्दी है। अगर इस रस्ते से जाऊंगा तो आज घर जाने में बोहत देर हो जायेगी। क्यूना जंगल के रस्ते से निकला जाये। तो सायद जल्दी पहोच जाऊ।

जंगल का रास्ता ( Bhoot ki Kahani in Hindi )


ये इस घने जंगल में किस औरत की रोने की आवाज आरही है। हो सकता है किसी मजदुर की पत्तनी हो। जो नाराज होकर, घर छोड़कर जंगल में भाग आई हो। चलो एक बार पूछ लेता हु।
यहाँ जंगल में तुम क्या कररही हो? तुम्हारा घर कहा है? चलो आज मेरे घर चलो आज मेरे घर रहना। सुबह होतेहि अपने घर चली जाना। इस जंगलमे बहोत सरे जंगली जानवर है। रात भर यहाँ मत रुको। चलो.... आखिर कार हम घर पहोच ही गए। bhoot wali kahani

रोहित की पत्तनी ने कहा  - कबसे तुम्हारी राह देख रही थी। आजतो बड़ी देर हो गई।
रोहित ने कहा  - अभी बताता हु तुम्हे सारी कहानी। अरे ये किसी मजदुर की बीबी है। घरसे भाग कर जंगल की सड़क पर रोरही थी। इतनी रातको बिचारि जंगल में कहा भटकती इसलिए में इसे यहां लेआया। आज का खाना इसे बनवा लो।
रोहित की पत्तनी ने कहा  Bhoot ki Kahani in Hindi
  मुजेतो इसपर सक होरहा है। कही ये चोर तो नहीं है। देखो आजतो में तुम्हे रख लेती हु।लेकिन कल सुबह होतेहि अपने घर चली जाना। एक काम करो सबके लिए खाना बनादो।
10 मिनट हो गए है। देखकर आती हु ये औरत क्या बना रही है। और इसी बहाने उसका चहेरा भी देख लुंगी।
तू क्या कर रही है। इतनी देर हो गई अभीतक चिकन का थेला ही निकाल रही है। वहा सब खाने का इंतजार कर रहे है। और तू अभीतक चिकन ही निकाल रही है। कल सुबह तक बनाओगी क्या। सुन मेने आग लगादी है। अब आगे सारा काम जल्दी से करले। कूच जरूरत हो तो बुला लेना।

हुम्। ... काफी देर होगई है। उसे देखकर आती हु। येभी देख लुंगी की वो हैकोन।  हे...हे...हे... ये भगवान एतो एक चुड़ैल है।

Bhoot ki Kahani in Hindi चुड़ैल - हा हा हा..... 


रोहित की पत्तनी - ये भगवान अब क्या करू। कूच समज में नहीं आरहा। यह से भाग लेती हु।
रोहित की पत्तनी ने रोहित को सारी बात बताई।
रोहित - अजीब मुसीबत में फास गया अब क्या करू।  अभी गांव वालो को बुलाता हु। रामु...  स्यामू ... जल्दी आओ हमें बचालो।
रोहित की पत्तनी - अभी तक कोई गांव वाले क्यों नहीं आये? अब हमें बाबाजी के पास चलना चाहिए। वोही हमारी कूच मदद कर सकते है।
रोहित - हा चलो चलते है।
रोहित - बाबाजी हम एक मुसीबत में फास गए है। आपही इस मुसीबत से हमें बचा सकते है। bhoot wali kahani

बाबाजी - तुम तो वही होना ? उस दिन तुमने मुझसे ठीक से बात भी नहीं की थी पता हैना। अब हमारे पास भी तुम्हारी समस्याका कोई समांधान नहीं है।
वापस घर गए।
रोहित - ऐसा लगता है। गांव वाले हमसे नाराज है। हमें उनसे माफ़ी मांगनी चाहिए। घर के बहार आग जलाकर किसी तरह रात बिताते है। सुबह गांव वालो से माफ़ी मागेंगे।

सुबह हुई? Bhoot ki Kahani in Hindi


रोहित - चलो गांव वालो से माफ़ी मांगते है।
रोहित गांव वालो से माफ़ी मांगते हुए कहा में सभी गांव वालों से माफ़ी मांगता हु। हमें माफ़ कार्दो हम लोग ने आप लोगो के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया हमें अपने किये पर पछतावा है।
गांव वालो - हमें खुसी हुई की तुम्हे अपने किये पर पछतावा है। हम लोग तुम्हे माफ़ करते है।
रोहित  - अब आप हमें एक मुसीबत से बचालो।
गांव वालो - क्याहै तुम्हारी समस्याbhoot wali kahani

रोहित ने सारी बात गांव वालो को बताई।
गांव वालो बोले बाबाजी को साथमे लेकर हम तुम्हारे घर आते है।
फिर बाबाजी उनके घर आये और चुड़ैल को ठिकाने लगा दिया।

तो दोस्तों कहानी किसी लगी क्लेमेंट में जरूर बताना 'आभारये कहानी एक मनोरंजन के लिए लिखी गई।


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